मोर्टार और पेस्टल बनाम ग्राइंडर: कौन बेहतर है?

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भारतीय रसोई में मसाले और जड़ी-बूटियों का एक महत्वपूर्ण स्थान है, और उन्हें पीसने के लिए सही उपकरण का चयन करना किसी भी शेफ के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। पारंपरिक मोर्टार और पेस्टल और आधुनिक ग्राइंडर दोनों का उपयोग मसालों, जड़ी-बूटियों और अन्य सामग्रियों को पीसने के लिए किया जाता है, लेकिन दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं। आइए इन दोनों उपकरणों की तुलना करें और देखें कि किस स्थिति में कौन बेहतर है।




1. मोर्टार और पेस्टल

मोर्टार और पेस्टल एक पारंपरिक पिसाई उपकरण है जो हजारों सालों से उपयोग में है। इसमें एक भारी पत्थर या धातु का कटोरा (मोर्टार) और एक हाथ से चलने वाला मूसल (पेस्टल) होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से छोटी मात्रा में सामग्री पीसने के लिए किया जाता है।


# फायदे :-

मसालों का प्राकृतिक स्वाद: मोर्टार और पेस्टल मसालों को धीरे-धीरे पीसता है, जिससे उनके तेल और स्वाद तत्व सुरक्षित रहते हैं। यह मसालों का गहरा और ताजा स्वाद निकालने में सहायक है।

परंपरागत अनुभव: मोर्टार और पेस्टल से मसाले पीसते समय एक परंपरागत अनुभव मिलता है जो कई लोगों को पसंद आता है, खासकर अगर उन्हें धीमी प्रक्रिया से खाना पकाने का शौक है।

मुलायम और सटीक पीसाई: इस उपकरण से आप खुद पीसने की गति और दबाव को नियंत्रित कर सकते हैं, जिससे सामग्री का बनावट भी आपके अनुसार होती है।

कोई बिजली की जरूरत नहीं: यह उपकरण बिजली पर निर्भर नहीं है, इसलिए इसे कहीं भी, कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


# कमियां :-

समय और मेहनत: मोर्टार और पेस्टल से पीसने में ज्यादा समय और मेहनत लगती है। इसके लिए आपको ज्यादा ताकत भी लगानी पड़ती है।

छोटी मात्रा: इसमें आप केवल सीमित मात्रा में सामग्री पीस सकते हैं, जिससे यह बड़े परिवारों या बड़ी मात्रा के लिए उपयुक्त नहीं होता।

  

2. ग्राइंडर (मिक्सर/मिक्सी)

ग्राइंडर या मिक्सर एक आधुनिक उपकरण है, जो इलेक्ट्रिक मोटर की मदद से मसाले और अन्य सामग्रियों को तेजी से पीसता है। यह बाजार में कई प्रकार के आते हैं, जैसे ड्राई ग्राइंडर, वेट ग्राइंडर, और मिक्सर-ग्राइंडर।


# फायदे:-

समय की बचत: ग्राइंडर बिजली की मदद से काम करता है, जिससे मसाले कुछ ही मिनटों में पीसे जा सकते हैं। यह बड़े और छोटे दोनों परिवारों के लिए उपयुक्त है।

कम मेहनत: इसमें शारीरिक मेहनत कम होती है, क्योंकि बस सामग्री डालकर बटन दबाने से काम हो जाता है।

बहु-उपयोगी: ग्राइंडर में न केवल मसाले पीसे जा सकते हैं, बल्कि इसमें पेस्ट, चटनी, आटा, और अन्य सामग्री भी आसानी से तैयार की जा सकती है।


# कमियां:-

मसालों का गर्म होना: ग्राइंडर की तेज गति से मसाले पीसने पर वे गर्म हो जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और सुगंध कम हो सकता है।

बिजली की निर्भरता: ग्राइंडर को काम करने के लिए बिजली की जरूरत होती है, इसलिए इसे आप कहीं भी नहीं ले जा सकते।

स्वाद में कमी: कुछ लोग मानते हैं कि ग्राइंडर से पीसे मसालों का स्वाद उतना ताजा नहीं होता जितना मोर्टार और पेस्टल से पीसे मसालों का।

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3. कौन बेहतर है?


मोर्टार और पेस्टल और ग्राइंडर दोनों के अपने अलग फायदे और उपयोग होते हैं, और यह इस पर निर्भर करता है कि आपको किस उद्देश्य के लिए इनका उपयोग करना है।


अगर आप समय बचाना चाहते हैं और बड़ी मात्रा में मसाले या सामग्री पीसने की जरूरत है, तो ग्राइंडर आपके लिए बेहतर विकल्प है। यह तेज, आसान और सुविधाजनक है।

अगर आप पारंपरिक स्वाद और सुगंध का आनंद लेना चाहते हैं और छोटे बैच में मसाले पीस रहे हैं, तो मोर्टार और पेस्टल बेहतर है। यह प्रक्रिया धीमी हो सकती है, लेकिन इससे आपको एक समृद्ध और गहरा स्वाद मिलता है।


#निष्कर्ष:

आधुनिक युग में जहां समय की कमी होती है, ग्राइंडर का उपयोग काफी सामान्य है। लेकिन जो लोग परंपरागत स्वाद और अनुभव को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए मोर्टार और पेस्टल का अपना महत्व है। दोनों का उपयोग उनकी जरूरत और समय के हिसाब से किया जा सकता है।










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